राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा खुलासा! ट्रस्ट गठन से अब तक के पूरे वित्तीय रिकॉर्ड की होगी जांच, शीर्ष पदाधिकारियों से SIT की पूछताछ

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई का दायरा और व्यापक कर दिया है। अब जांच केवल कथित चढ़ावा गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वर्ष 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद एसआईटी ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, दान राशि के उपयोग, बैंकिंग लेनदेन, निर्माण कार्यों पर खर्च, भूमि खरीद और दान में प्राप्त बहुमूल्य वस्तुओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही लेखा प्रणाली, आंतरिक वित्तीय नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से हुई पूछताछ

जांच के क्रम में शुक्रवार को एसआईटी ने ट्रस्ट के कई प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों से पूछताछ की। अधिकारियों ने दान प्रबंधन, जिम्मेदारियों के बंटवारे, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।

सूत्रों का कहना है कि जांच टीम सभी संबंधित अधिकारियों के बयानों का आपस में मिलान कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि किसी स्तर पर निगरानी में चूक हुई या वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।

जमीन खरीद के दस्तावेज भी जांच के घेरे में

एसआईटी ने ट्रस्ट द्वारा अब तक खरीदी गई जमीनों से जुड़े दस्तावेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। भूमि खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और राजस्व विभाग के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

बताया जा रहा है कि जांच टीम ने कुछ अतिरिक्त जानकारियां और दस्तावेज भी मांगे हैं, जिनके आधार पर आगे की पड़ताल की जाएगी। जमीन खरीद से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन और प्रक्रियाओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

कमीशनखोरी के आरोपों की भी पड़ताल

सोशल मीडिया पर वायरल एक साक्षात्कार में खुद को राम मंदिर परियोजना का पूर्व इंजीनियर बताने वाले दीनानाथ वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। वायरल दावों में निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

एसआईटी अब इन दावों की सत्यता की भी जांच कर रही है और संबंधित तथ्यों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों की भी होगी जांच

उधर, जांच एजेंसी ने गिरफ्तार आरोपियों की घोषित और अघोषित संपत्तियों का पूरा ब्योरा भी तलब किया है। पुलिस से यह जानकारी मांगी गई है कि अब तक की जांच में किन-किन लोगों की संपत्तियों का पता चला है और उनका स्रोत क्या है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह संकेत मिले हैं कि कुछ आरोपियों ने संपत्ति खरीद में धन निवेश किया है। एसआईटी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन संपत्तियों और कथित चढ़ावा गड़बड़ी के बीच कोई संबंध है या नहीं। इसके लिए संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी।

वित्तीय लेनदेन से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक होगी पड़ताल

जांच एजेंसी का फोकस अब केवल चढ़ावे की कथित चोरी तक सीमित नहीं है। ट्रस्ट के गठन के बाद से प्राप्त दान, उसके उपयोग, निर्माण कार्यों, भूमि खरीद, बहुमूल्य आभूषणों के प्रबंधन और वित्तीय नियंत्रण व्यवस्था की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

 

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